अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी? वैज्ञानिक, धार्मिक और स्वास्थ्य के अनुसार पूरी सच्चाई

जनरल बातें
Feb 21, 2026
loding

प्रस्तावना:

आज के समय में यह सवाल बहुत आम हो गया है कि अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी? कुछ लोग इसे शाकाहार के करीब मानते हैं, तो कुछ लोग इसे पूरी तरह मांसाहार कहते हैं। खासकर भारत जैसे देश में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग धार्मिक और पारंपरिक कारणों से शाकाहार अपनाते हैं, यह विषय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

कई लोग स्वास्थ्य के कारण अंडा खाना शुरू करना चाहते हैं, लेकिन उनके मन में यह दुविधा रहती है कि क्या अंडा खाने से वे शाकाहारी नहीं रहेंगे। वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग अंडे को केवल प्रोटीन का स्रोत मानते हैं और इसे मांसाहार नहीं समझते।

इस लेख में हम अंडे को वैज्ञानिक, धार्मिक, नैतिक और स्वास्थ्य - चारों दृष्टिकोण से समझेंगे, ताकि आपको एक स्पष्ट और संतुलित उत्तर मिल सके।


अंडा क्या होता है? इसकी मूल संरचना को समझें:

अंडा मुख्य रूप से तीन भागों से बना होता है:

  • अंडे का बाहरी खोल कैल्शियम से बना कठोर आवरण होता है, जो अंदर के भाग की सुरक्षा करता है।
  • एग व्हाइट (सफेदी) एल्ब्यूमिन कहा जाता है, जो प्रोटीन से भरपूर होता है।
  • एग यॉल्क (पीला भाग) इसमें वसा, विटामिन और मिनरल्स होते हैं।

यह समझना जरूरी है कि हर अंडे में चूजा बनने की संभावना नहीं होती। यही बात आगे के वर्गीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


अंडे के प्रकार - निषेचित और अनिषेचित:

1. निषेचित अंडा (Fertilized Egg)

  • मुर्गे और मुर्गी के संयोग से बनता है।

  • इससे चूजा विकसित हो सकता है।

  • इसे जीव के विकास की शुरुआत माना जाता है।

2. अनिषेचित अंडा (Unfertilized Egg)

  • बाजार में मिलने वाले अधिकांश अंडे इसी प्रकार के होते हैं

  • इनमें कोई भ्रूण नहीं होता

  • इससे कभी चूजा नहीं बन सकता

इसी कारण कई लोग कहते हैं कि बाजार में मिलने वाला अंडा जीव नहीं है, बल्कि केवल पोषण का स्रोत है।


वैज्ञानिक दृष्टि से अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी?

वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो:

  • बाजार के अधिकतर अंडे अनिषेचित होते हैं

  • उनमें कोई जीवन विकसित नहीं हो रहा होता

  • वे केवल प्रोटीन, वसा और पोषक तत्वों का स्रोत होते हैं

इस दृष्टि से कुछ पोषण विशेषज्ञ इसे मांस नहीं, बल्कि पशु-उत्पाद (Animal Product) मानते हैं, जैसे दूध या दही।

लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पौधे से नहीं, बल्कि पशु से प्राप्त होता है। इसलिए इसे पूरी तरह शाकाहारी भी नहीं कहा जा सकता।


धार्मिक और पारंपरिक दृष्टिकोण:

भारत में शाकाहार का संबंध केवल भोजन से नहीं, बल्कि अहिंसा और सात्त्विक जीवन से भी जुड़ा है।

सनातन परंपरा के अनुसार:

  • शुद्ध शाकाहार में केवल वनस्पति आधारित भोजन शामिल होता है

  • अंडा पशु से प्राप्त होता है

  • इसलिए अधिकांश धार्मिक मान्यताओं में इसे मांसाहार माना जाता है

सात्त्विक, राजसिक और तामसिक भोजन:

आयुर्वेद और योग के अनुसार:

  • सात्त्विक भोजन: फल, सब्जियां, अनाज, दूध

  • राजसिक भोजन: मसालेदार, उत्तेजक भोजन

  • तामसिक भोजन: मांस, अंडा, शराब आदि

इस दृष्टि से अंडा सात्त्विक श्रेणी में नहीं आता।


नैतिक (Ethical) दृष्टिकोण:

आज के समय में कुछ लोग पशु-उत्पादों से पूरी तरह बचते हैं। इन्हें वीगन कहा जाता है।

उनका मानना है:

  • अंडा पशु उद्योग से जुड़ा है

  • इसलिए इसे नहीं खाना चाहिए

हालांकि कुछ लोग केवल मांस नहीं खाते लेकिन अंडा खाते हैं। इन्हें Eggetarian कहा जाता है।


स्वास्थ्य की दृष्टि से अंडा:

अंडे को “संपूर्ण भोजन” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें:

  • उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन

  • विटामिन B12

  • विटामिन D

  • आयरन और जिंक

  • ओमेगा-3 (कुछ प्रकारों में)

लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह आवश्यक नहीं है। शाकाहारी लोग दाल, पनीर, सोया और मेवे से भी पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं।


भारत में अंडे को लेकर भ्रम क्यों है?

इसके कई कारण हैं:

  1. बाजार के अंडे अनिषेचित होते हैं

  2. सरकारी योजनाओं में अंडा पोषण के रूप में दिया जाता है

  3. कुछ लोग इसे दूध की तरह पशु-उत्पाद मानते हैं

  4. लेकिन धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएँ इसे मांसाहार मानती हैं

इसी कारण समाज में अलग-अलग राय देखने को मिलती है।


क्या अंडा खाने से शाकाहारी नहीं रहते?

यह पूरी तरह व्यक्ति की सोच और जीवन-दृष्टि पर निर्भर करता है।

  • धार्मिक दृष्टि: अंडा = मांसाहार

  • पोषण दृष्टि: अंडा = पशु-उत्पाद

  • सामाजिक वर्गीकरण: Eggetarian

इसलिए कोई व्यक्ति अंडा खाता है या नहीं, यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है।


अंडे के बारे में आम मिथक:

मिथक 1 - हर अंडे से चूजा बन सकता है?

सच्चाई: बाजार के अंडों से चूजा नहीं बनता।

मिथक 2 - अंडा खाने से शरीर बहुत गर्म हो जाता है?

सच्चाई: सीमित मात्रा में लेने पर ऐसा नहीं होता।

मिथक 3 - बिना अंडे के प्रोटीन नहीं मिल सकता?

सच्चाई: दाल, सोया, पनीर, मूंगफली से भी प्रोटीन मिलता है।



अंडे के बदले दूसरा विलकप:

मेरा सुझाव है की अगर आप अंडा खाते है तो आप राजसिक भोजन का सेवन करते कहलायेंगे। शुद्ध सात्विक आहार में अंडे को शामिल नहीं किया जाता क्योंकि यह भले ही अनिषेचित अंडा कहलाते हो लेकिन जो जन्म लेने वाला जो जीव है उसका मार्ग तो यही है. अब दूध की बात करे तो इसमें प्रकृति ने पहले से ही जीव नहीं उत्पन्न किया बल्कि अंडे में तो आता है न जीव फिर वो भले ही अनिषेचित अंडा क्यों न हो. इसलिए मुझे लगता है की अपने भोजन में अंडे को शामिल न ही किया जाय तो बढ़िया है. इससे आप शुद्ध शाकाहारी भी रहेंगे और अगर आप ब्रह्मचर्य का पालन कर रहे हो तो इसके बारे में देखना तो दूर सोच लेना भी ब्रह्मचर्य का टूटना ऐसा में मानता हूँ. अगर आपको अंडे जैसा पोषकतत्व चाहिए तो अंडा खाने से बहेतर है पनीर का पानी का सेवन करें इसमें आपको अंडे जितना पोषकतत्व मिल ही जायेंगे।

शाकाहारी लोगों के लिए विकल्प:

यदि आप अंडा नहीं खाना चाहते तो ये विकल्प अच्छे हैं:

  • पनीर

  • दालें

  • राजमा, चना

  • सोया और टोफू

  • मूंगफली और बादाम


निष्कर्ष: अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी?

यदि संक्षेप में समझें:

  • वैज्ञानिक रूप से: अधिकांश अंडे अनिषेचित होते हैं

  • पोषण की दृष्टि से: यह पशु-उत्पाद है

  • धार्मिक दृष्टि से: इसे मांसाहार माना जाता है

  • सामाजिक रूप से: अंडा खाने वालों को Eggetarian कहा जाता है

अंत में, यह निर्णय पूरी तरह आपकी आस्था, जीवन-शैली और सोच पर निर्भर करता है। 

भोजन केवल शरीर को ही नहीं, मन और विचारों को भी प्रभावित करता है। इसलिए वही आहार चुनें जो आपके शरीर, मन और संस्कार - तीनों के लिए सही हो।

आप जो भी मार्ग चुनें, वह आपके स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन की ओर ले जाए - यही सबसे महत्वपूर्ण है।


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